विदेश- दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। अब तक 235 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि 1500 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।
बताया जा रहा है कि भूकंप बुधवार 25 जून को आया, जिस दिन देश में ऐतिहासिक काराबोबो युद्ध की याद में राष्ट्रीय अवकाश था। छुट्टी होने की वजह से बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में मौजूद थे और कई लोग फुटबॉल मैच देख रहे थे, जिससे जान-माल के नुकसान की आशंका बढ़ गई।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, करीब 39 हजार से अधिक लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे मलबा हटेगा, प्रभावित लोगों की वास्तविक संख्या सामने आ सकती है।
जानकारी के मुताबिक यह भूकंप करीब 7.5 तीव्रता का था, जिसे बेहद खतरनाक माना जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार भूकंप की तीव्रता में एक अंक बढ़ने पर ऊर्जा का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। इसी वजह से बड़े भूकंप इमारतों, सड़कों और पुलों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं।
भूकंप के बाद राजधानी कराकस के मुख्य एयरपोर्ट को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं, जिससे राहत सामग्री और बचाव दलों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। विदेशों में रह रहे वेनेजुएला मूल के लोग भी राहत सामग्री, दवाइयां और आर्थिक सहायता जुटाने में लगे हैं।
इस बीच कनाडा ने वेनेजुएला के लिए 35 लाख डॉलर की मानवीय सहायता देने का ऐलान किया है। यह राशि आपातकालीन भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने में इस्तेमाल की जाएगी।
सरकार ने कई प्रभावित क्षेत्रों में आपातकाल लागू कर दिया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राहत कार्य तेज किए जा रहे हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस आपदा से वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।








