रिपोर्ट – विवेक त्रिवेदी
कानपुर देहात। जनपद में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद आयोजकों एवं कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। शनिवार को बीएसपी के मुख्य मंडल प्रभारी जितेंद्र संखवार, जिलाध्यक्ष जवाहर संखवार तथा अकबरपुर-रनिया विधानसभा से पार्टी प्रत्याशी जितेंद्र सिंह ‘गुड्डन’ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मुकदमे वापस लेने की मांग की।

बीएसपी नेताओं ने आरोप लगाया कि 29 जुलाई को अकबरपुर स्थित सिंह लॉन में आयोजित विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन के लिए प्रशासन से विधिवत अनुमति ली गई थी। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और यातायात व्यवस्था का भी पूरा ध्यान रखा गया। इसके बावजूद रनिया और अकबरपुर थानों में सम्मेलन के संयोजक एवं पूर्व चेयरमैन जितेंद्र सिंह ‘गुड्डन’ सहित 60 से 70 समर्थकों तथा अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर दिए गए।

ज्ञापन में पार्टी नेताओं ने इन मुकदमों को पूरी तरह फर्जी, पक्षपातपूर्ण और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया। उनका कहना था कि जिले में अन्य राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों के दौरान भी यातायात प्रभावित होता है, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती। केवल बीएसपी के कार्यक्रम को निशाना बनाकर मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

बीएसपी नेताओं ने अकबरपुर-रनिया से भाजपा विधायक एवं प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला तथा एक पूर्व सांसद पर सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल कर राजनीतिक द्वेषवश फर्जी मुकदमे दर्ज कराने का आरोप लगाया। उन्होंने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर मुकदमे तत्काल निरस्त करने की मांग की।
पार्टी पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो बीएसपी लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करेगी।
(नोट: खबर में लगाए गए आरोप बीएसपी नेताओं के बयान पर आधारित हैं। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाना चाहिए।)







