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हाईकोर्ट सख्त: अवैध हिरासत पर दोषी अफसरों की सैलरी से कटेगा मुआवजा

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On: June 10, 2026 6:08 AM
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प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध हिरासत और “शांति भंग” की धाराओं के दुरुपयोग पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा कि बिना वैध आधार 24 घंटे से अधिक हिरासत में रखे गए व्यक्ति को ₹25,000 प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा। यह राशि संबंधित दोषी अधिकारी या मजिस्ट्रेट के वेतन से वसूली जाएगी। कोर्ट ने व्यक्तिगत बांड भरने पर तत्काल रिहाई के भी निर्देश दिए हैं।

न्यायमूर्ति सिद्धार्थ एवं न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने हेबियस कॉर्पस रिट याचिका संख्या 317/2026, मंसूर अहमद उर्फ लल्लू बनाम उत्तर प्रदेश राज्य में 8 जून 2026 को सुनाए गए फैसले में 8 दिन तक अवैध हिरासत में रखे गए व्यक्ति को ₹2 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया है। अदालत ने निर्देश दिया कि यह राशि संबंधित दोषी अधिकारी, तत्कालीन सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) के वेतन से वसूल की जाएगी।

क्या था मामला?

याचिकाकर्ता मंसूर अहमद का आरोप था कि 19 मार्च 2026 की रात करीब 12:50 बजे प्रयागराज के खीरी थाना क्षेत्र की पुलिस उसे उसके घर से उठाकर ले गई। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170, 126 एवं 135 के तहत कार्रवाई का हवाला दिया।

बाद में उसे सहायक पुलिस आयुक्त एवं विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट, बारा के समक्ष प्रस्तुत किया गया। आरोप है कि मजिस्ट्रेट ने बिना पर्याप्त कानूनी प्रक्रिया अपनाए तथा बिना उचित सुनवाई का अवसर दिए एक मुद्रित प्रोफार्मा पर आदेश पारित कर सीधे जेल भेज दिया।

हाईकोर्ट ने पाया कि रिकॉर्ड में कहीं भी यह उल्लेख नहीं था कि याचिकाकर्ता ने व्यक्तिगत बांड भरने से इनकार किया था। इसके बावजूद उसे 27 मार्च 2026 तक जेल में रखा गया।

हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी

खंडपीठ ने कहा कि पुलिस कमिश्नरों और उनके अधीन कार्य कर रहे अधिकारियों को जो मजिस्ट्रेटी शक्तियां प्रदान की गई हैं, उनका कई मामलों में “जमकर दुरुपयोग” किया जा रहा है।

कानपुर के अधिवक्ता अभिनव श्रीवास्तव ने कोर्ट के इस आदेश में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि अधिकतर इस तरह के मामले उनके पास आते हैं जहां पुलिस द्वारा कुछ पीड़ित न्यायालय के पास अपनी समस्या लेकर आते हैं। फिलहाल हाईकोर्ट के इस फैसले से उन्होंने अपनी सहमति जताई है।

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न्यूज़ चौपाल UP की संपादकीय टीम को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में 15+ वर्षों का अनुभव है। टीम राजनीति, अपराध, शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं से जुड़ी खबरों को तथ्यात्मक और निष्पक्ष तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए समर्पित है।

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