कानपुर। आरक्षण सुधार आंदोलन के आह्वान पर मंगलवार शाम कानपुर में विशाल आक्रोश मशाल मार्च निकाला गया। मोतीझील चौराहे स्थित पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा स्थल से शुरू हुई यात्रा में बड़ी संख्या में लोग हाथों में जलती मशालें लेकर शामिल हुए। देखते ही देखते मार्च में हजारों की भीड़ जुट गई और पूरा मार्ग नारों से गूंज उठा।

मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था में सुधार और समाज के गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को आरक्षण का लाभ दिए जाने की मांग उठाई। आयोजकों का कहना है कि आरक्षण का लाभ देश में रहने वाले गरीब लोगों को उनकी आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति के आधार पर मिलना चाहिए, चाहे वे किसी भी जाति, पंथ या मजहब से संबंधित हों।

प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी से जुड़े प्रस्तावित कानून को वापस लेने की भी मांग उठाई। हाथों में मशाल लेकर लोग अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए आगे बढ़े। मार्च के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से सड़क पर माहौल पूरी तरह आंदोलनमय नजर आया।

मशाल मार्च गोल चौराहा स्थित शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा स्थल पर पहुंचकर समाप्त हुआ। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार तरीके से आवाज बुलंद की। मार्च में युवाओं के साथ बड़ी संख्या में अन्य लोग भी शामिल रहे।







