लखनऊ। पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रस्तावित छात्र प्रदर्शन से पहले राजधानी लखनऊ में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। कॉन्करोज जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके बुधवार देर रात लखनऊ पहुंचे। एयरपोर्ट पर समर्थकों ने उनका स्वागत किया, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस और खुफिया एजेंसियों के अधिकारी भी तैनात रहे।
अभिजीत दीपके ने कहा कि वह इको गार्डन में आयोजित होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा और यदि प्रशासन से अनुमति नहीं मिली है तो वे स्थानीय पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर प्रदर्शन की अनुमति लेने का प्रयास करेंगे। उनका कहना है कि दिल्ली और पुणे की तरह लखनऊ में भी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि छात्र केवल अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। उनके अनुसार, परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है, इसलिए इस मुद्दे पर आवाज उठाना जरूरी है।
इस बीच, प्रदर्शन को लेकर प्रशासन सतर्क है। पुलिस ने इको गार्डन में प्रस्तावित कार्यक्रम को अनुमति देने से इनकार किया है, लेकिन आयोजकों का कहना है कि विरोध कार्यक्रम किसी भी हाल में आयोजित किया जाएगा। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के पदाधिकारियों ने भी प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है और छात्रों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।
गौरतलब है कि इससे पहले पुणे में भी CJP की ओर से इसी मुद्दे पर प्रदर्शन किया गया था। उस दौरान शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई थी। संगठन का दावा है कि देशभर के छात्रों और युवाओं का उसे व्यापक समर्थन मिल रहा है।
लखनऊ में होने वाला यह प्रदर्शन अब प्रशासन और आयोजकों के बीच टकराव का विषय बन गया है। ऐसे में सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस की अनुमति के बिना प्रदर्शन होता है या प्रशासन कोई वैकल्पिक रास्ता निकालता है।








