कानपुर देहात में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक दुग्ध उत्पाद निर्माण इकाई में छापेमारी की है। कार्रवाई के दौरान विभाग ने करीब 9 करोड़ 44 लाख रुपये मूल्य के घी को जांच के दायरे में ले लिया है। मामले ने जिले के खाद्य एवं दुग्ध उत्पाद कारोबार में हलचल पैदा कर दी है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले भर में मिलावटी दूध और दुग्ध उत्पादों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम छतेनी स्थित भोले बाबा मिल्क फूड इंडस्ट्री पहुंची। यहां अधिकारियों ने विभिन्न उत्पादों के नमूने लेकर उन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया।

सहायक आयुक्त खाद्य राम अवतार ने बताया कि जांच के दौरान घी के टीनों पर लगे लेबल खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 तथा संबंधित विनियम-2011 के निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इसके बाद विभाग ने 8745 टीन घी को जांच के दायरे में लेते हुए सीज जैसी निगरानी कार्रवाई की और नमूने जांच के लिए भेज दिए। विभाग के अनुसार जांच के दायरे में आए घी की अनुमानित बाजार कीमत 9 करोड़ 44 लाख 46 हजार रुपये है।

इतनी बड़ी कार्रवाई के बाद जिले की अन्य खाद्य एवं दुग्ध उत्पाद इकाइयों में भी हड़कंप मच गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और मानकों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि कंपनी प्रबंधन ने विभागीय कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। प्रोडक्शन मैनेजर संतोष सिंह का कहना है कि फैक्ट्री वर्तमान में बंद है और बंद पड़ी इकाई में इस प्रकार की कार्रवाई उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कंपनी के उत्पाद सभी निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं और जांच रिपोर्ट आने के बाद यह बात साबित हो जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि कंपनी कर्मचारियों ने जांच टीम को पूरा सहयोग दिया है।

अब सभी की नजरें प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि उत्पाद खाद्य मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही विभाग आगे की कानूनी कार्रवाई तय करेगा।








