मौसम क्रिकेट धर्म एवं संस्कृति क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल लाइफ - साइंस आध्यात्मिक अन्य

---Advertisement---

 

यूपी में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना होगा और सख्त, पुलिस वेरिफिकेशन से लेकर हाईटेक टेस्ट तक लागू होंगे नए नियम

Admin Image
On: July 7, 2026 4:40 AM
Follow Us:

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया जल्द ही पूरी तरह बदलने वाली है। परिवहन विभाग नए नियम लागू करने की तैयारी में है, जिसके तहत ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को पासपोर्ट की तर्ज पर अधिक पारदर्शी और तकनीकी बनाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य केवल योग्य और ट्रैफिक नियमों की जानकारी रखने वाले लोगों को ही लाइसेंस जारी करना है।


नए प्रस्ताव के अनुसार कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस (बस, ट्रक, ऑटो और टैक्सी) के लिए पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। वहीं सामान्य बाइक और कार लाइसेंस के मामलों में केवल संदिग्ध मामलों में ही पुलिस सत्यापन कराया जाएगा। जिन आवेदकों का आधार डेटा मेल नहीं करेगा या जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होंगे, उनकी विशेष जांच की जाएगी।


आरटीओ कार्यालयों में डिजिटल टोकन व्यवस्था लागू की जाएगी। आवेदकों को निर्धारित समय के अनुसार टोकन मिलेगा और नंबर आने पर ही बायोमेट्रिक, फोटो और अन्य प्रक्रिया पूरी होगी। इससे कार्यालयों में भीड़ कम होगी और दलालों की भूमिका पर भी अंकुश लगेगा।


ड्राइविंग टेस्ट अब मैनुअल के बजाय हाईटेक ऑटोमेटिक ट्रैक पर होगा। सेंसर, कैमरे और कंप्यूटर आधारित सिस्टम आवेदक की ड्राइविंग क्षमता का मूल्यांकन करेंगे। ट्रैक पर रिवर्स-एस, फिगर-8 और अप-हिल जैसे टेस्ट होंगे। यदि वाहन पीली लाइन पार करता है या सेंसर से टकराता है तो कंप्यूटर स्वतः आवेदक को फेल घोषित कर देगा।


नए नियमों के तहत पहली बार टेस्ट में असफल होने पर दोबारा परीक्षा के लिए कम से कम सात दिन बाद नया स्लॉट लेना होगा। लगातार तीन बार फेल होने पर आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा और छह महीने तक दोबारा आवेदन नहीं किया जा सकेगा।


आरटीओ पहुंचने पर आवेदक की लाइव फोटो और बायोमेट्रिक लिया जाएगा, जिसका आधार से मिलान होगा। इसके बाद उसी व्यक्ति को ड्राइविंग टेस्ट देने की अनुमति मिलेगी। पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड सरकारी सारथी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे फर्जी लाइसेंस और सिफारिश के जरिए लाइसेंस बनवाने पर रोक लग सकेगी।


सरकार ने मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर से 28 दिन का प्रशिक्षण पूरा कर फॉर्म-5 प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को राहत भी दी है। ऐसे आवेदकों को अलग से आरटीओ या ऑटोमेटिक ट्रैक पर ड्राइविंग टेस्ट नहीं देना होगा और उन्हें सीधे स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जा सकेगा।


परिवहन विभाग का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और केवल प्रशिक्षित एवं योग्य चालकों को ही लाइसेंस जारी करना है।

Admin Photos

Admin

न्यूज़ चौपाल UP की संपादकीय टीम को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में 15+ वर्षों का अनुभव है। टीम राजनीति, अपराध, शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं से जुड़ी खबरों को तथ्यात्मक और निष्पक्ष तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए समर्पित है।

Join WhatsApp

Join Now

Youtube-color Created with Sketch. Join Youtube

Join Now

Leave a Comment