कानपुर। उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कानपुर दौरे के दौरान विपक्ष और ब्राह्मण राजनीति को लेकर किए जा रहे दावों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सिर्फ सपने देख रहे हैं और जनता अब उनके बहकावे में आने वाली नहीं है।
मंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों की राजनीति केवल जातीय समीकरणों और भ्रम फैलाने पर आधारित है। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनका संदेश यही है कि “तुम हमें वोट दो, हम तुम्हें नकल करने का अधिकार देंगे”, जबकि भाजपा विकास और सुशासन की राजनीति करती है।
धर्मगुरुओं से जुड़े विवादों पर योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि किसी भी धर्मगुरु का अपमान उचित नहीं है, लेकिन यदि किसी पर कोई आरोप है तो उसकी जांच कानून के अनुसार होगी। उन्होंने कहा कि संतों से जुड़े मामलों की एसआईटी जांच कराई जाएगी और सच्चाई सामने लाई जाएगी।
विपक्षी नेताओं के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि कुछ नेता पूरी तरह भ्रमित हैं और कुछ भी बयान दे रहे हैं, लेकिन जनता सब कुछ समझ रही है।
विकास दुबे कांड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कानपुर में हुए जघन्य अपराध के बाद कुछ लोगों ने उसे भाजपा से जोड़ने की कोशिश की, जबकि एनकाउंटर के बाद उसी मामले को जातीय रंग देकर ब्राह्मण समाज से जोड़ने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती और कानून सभी के लिए समान है।
पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) राजनीति पर निशाना साधते हुए योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि विपक्ष समाज को बांटने की राजनीति कर रहा है, जबकि भाजपा “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के सिद्धांत पर काम कर रही है।








