कानपुर: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही पूरे उत्तर प्रदेश में सपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है। इसी क्रम में औद्योगिक नगरी कानपुर में भी सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर उग्र विरोध प्रदर्शन किया और अपना आक्रोश व्यक्त किया।
सचान चौराहे पर पुतला दहन और प्रदर्शन
सपा कार्यकर्ताओं ने कानपुर के प्रमुख सचान चौराहे पर एकत्र होकर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका। इतना ही नहीं, विरोध के दौरान कार्यकर्ताओं ने पोस्टरों पर चप्पलें चलाकर अपना गुस्सा जताया।
’इस्तीफा दो’ और ‘रिहा करो’ के लगे नारे
प्रदर्शन के दौरान पूरा इलाका नारों से गूंज उठा। सपा कार्यकर्ताओं ने हाथ में तख्तियां और बैनर लेकर “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” और “अखिलेश यादव को रिहा करो” जैसे तीखे नारे लगाए।

कार्यकर्ताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए पुलिस और सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रभावित
प्रदर्शन के चलते सचान चौराहे पर कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुँचा और कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर शांत कराया।

सपा नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि अखिलेश यादव को जल्द ही ससम्मान रिहा नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा।








