कानपुर नगर। कानपुर में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें यातायात नियमों के पालन, दुर्घटना संभावित स्थलों के सुधार, प्रवर्तन कार्रवाई और सड़क हादसों में घायलों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में डीएम ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सहभागिता से ही इसे सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि थोड़ी सी सावधानी कई अनमोल जिंदगियां बचा सकती है। उन्होंने “अपनों की मुस्कान बनाए रखें, हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट लगाएं और हर सफर सुरक्षित बनाएं” का संदेश भी दिया।
स्कूल-कॉलेजों में चलेगा विशेष अभियान
जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि स्कूलों और कॉलेजों में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए। विद्यार्थियों को रैली, प्रतियोगिताओं, कार्यशालाओं और अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से यातायात नियमों की जानकारी दी जाए, ताकि कम उम्र से ही सुरक्षित यातायात व्यवहार विकसित हो सके।
जून में हजारों चालान, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई
बैठक में यातायात पुलिस की प्रवर्तन रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। जून 2026 के दौरान विभिन्न यातायात नियमों के उल्लंघन पर बड़ी संख्या में चालान किए गए। इनमें—
ओवर स्पीडिंग – 9,619
बिना हेलमेट – 38,221
रॉन्ग साइड ड्राइविंग – 14,707
ड्रंक एंड ड्राइव – 422
वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का न करें प्रयोग
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रखा जाए।
राहवीर योजना: मदद करने वाले को मिलेगा ₹25 हजार
बैठक में राहवीर योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान अस्पताल पहुंचाने वाले पात्र व्यक्ति को ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। योजना का उद्देश्य आम नागरिकों को दुर्घटना पीड़ितों की तत्काल मदद के लिए प्रेरित करना है।
दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा ₹1.50 लाख तक कैशलेस इलाज
पीएम राहत जन आरोग्य योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अधिकतम सात दिनों तक या ₹1.50 लाख तक (जो पहले हो) कैशलेस उपचार की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए कानपुर नगर में 9 अस्पतालों को चिन्हित किया गया है, जिनमें वेदान्ता हॉस्पिटल, डेल्टा हॉस्पिटल, आशीर्वाद हॉस्पिटल, चांदनी हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस कुलवंती हॉस्पिटल, नारायणा हॉस्पिटल, रामादेवी मेडिकल सेंटर, रामा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर और रामा हॉस्पिटल शामिल हैं।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए दुर्घटना संभावित स्थलों पर आवश्यक सुधार कराए जाएं, जनजागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाया जाए तथा राहवीर योजना एवं पीएम राहत जन आरोग्य योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि हादसे के बाद घायलों को समय पर उपचार मिल सके और अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा सके।










