---Advertisement---

 

प्रतापगढ़ में बारिश के बीच 100 साल पुराना मकान ढहा: एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत

Admin Image
On: August 6, 2026 5:17 PM
Follow Us:

सिर्फ बड़ा बेटा जिंदा बचा; CM योगी ने लिया संज्ञान

प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश): – उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। नगर कोतवाली क्षेत्र के महुली मोहल्ले में एक 100 साल पुराना जर्जर मकान अचानक भरभराकर गिर गया। इस हादसे में एक ही परिवार के 6 लोगों की मौके पर ही या अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई, जबकि परिवार का बड़ा बेटा किसी तरह जिंदा बच निकला।

रात 2 बजे हुआ दर्दनाक हादसा

​बुधवार रात भयंकर गर्मी और उमस के कारण परिवार के सभी 7 सदस्य एक कमरे में लगे एसी (AC) में सो रहे थे। रात करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच, जब सभी गहरी नींद में थे, तभी अचानक कमरे की छत ढह गई। हादसा इतना भयानक था कि किसी को संभलने या मदद के लिए चीखने तक का मौका नहीं मिला।

​छत गिरते ही पूरा परिवार कई फीट ऊंचे मलबे के नीचे दब गया।

मृतकों और घायलों की सूची

​हादसे में जान गंवाने वाले 6 सदस्य:

  1. प्रमोद श्रीवास्तव (60) – मकान मालिक (पेशे से ई-रिक्शा चालक)
  2. रीता श्रीवास्तव (55) – प्रमोद श्रीवास्तव की पत्नी
  3. नितिन श्रीवास्तव (25) – छोटा बेटा
  4. माधुरी श्रीवास्तव (23) – बड़े बेटे अमन की पत्नी (बहू)
  5. माधव (2 वर्ष) – बड़ा पोता (अमन का बेटा)
  6. अद्विक (10 माह) – छोटा पोता (अमन का बेटा)

जीवित बचा सदस्य:

  • अमन श्रीवास्तव (28) – प्रमोद श्रीवास्तव का बड़ा बेटा। हादसे में अमन बाल-बाल बच गया और उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।

चश्मदीद बेटे अमन की जुबानी:

“रात को लगभग 10:30 बजे हम सब खाना खाकर सो गए थे। कमरे में मैं, मेरी पत्नी, मेरे दो छोटे बच्चे, मम्मी, पापा और छोटा भाई सो रहे थे। रात को करीब डेढ़ से दो बजे के बीच अचानक जोरदार धमाके जैसी आवाज हुई।”

​अमन ने बताया— “जब मेरी आंख खुली तो पूरा कमरा मलबे में तब्दील हो चुका था। मेरा शरीर भी मिट्टी में दबा हुआ था। मैं किसी तरह मलबे से बाहर निकला और देखा कि पूरा परिवार नीचे दबा है। मैंने अकेले सबको निकालने की कोशिश की, लेकिन मलबा बहुत ज्यादा था। इसके बाद मैं जोर-जोर से चिल्लाया और आसपास के लोगों को बुलाया।”

2 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

​अमन का शोर सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिसकर्मियों ने लोहे की रॉड से खिड़की तोड़कर घर में प्रवेश किया।

करीब दो घंटे तक चले कड़ी मशक्कत वाले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी को मलबे से बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने 6 लोगों को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, मौत का कारण मलबे में दबना और दम घुटना रहा।

पुश्तैनी मकान, लेंटर डालने की चल रही थी तैयारी

​प्रमोद श्रीवास्तव दो भाइयों में बड़े थे। उनके छोटे भाई पवन कचहरी परिसर में चाय की दुकान चलाते हैं और अलग रहते हैं। प्रमोद रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पेट पालते थे।

​प्रमोद का यह मकान 1,300 वर्ग फीट में बना था, जिसमें दो कमरे, रसोई और शौचालय था। करीब तीन साल पहले उन्होंने पहली मंजिल की दीवारें खड़ी करवाई थीं, लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से उस पर लेंटर (छत) नहीं ढल सका था। हाल ही में परिवार ने अपनी एक पैतृक जमीन करीब 75 लाख रुपये में बेची थी और वे अब छत पर लेंटर डलवाने की तैयारी कर रहे थे।

प्रधानमंत्री आवास योजना का मिलने वाला था पैसा

​घटना की सूचना मिलते ही प्रतापगढ़ के डीएम अभिषेक पांडेय और एसपी दीपक भूकर मौके पर पहुंचे।

​डीएम ने बताया कि यह बेहद दुखद घटना है। पीड़ित परिवार को शासन की तरफ से तुरंत 26 लाख रुपये की सहायता राशि भेजी जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इस परिवार के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पैसा स्वीकृत हो चुका था और जल्द ही मिलने वाला था, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान

​उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दर्दनाक हादसे का संज्ञान लिया है। उनके निर्देश पर प्रयागराज मंडल के एडीजी ज्योति नारायण और आईजी अजय कुमार मिश्रा घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासनिक अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

Admin Photos

Admin

न्यूज़ चौपाल UP की संपादकीय टीम को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में 15+ वर्षों का अनुभव है। टीम राजनीति, अपराध, शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं से जुड़ी खबरों को तथ्यात्मक और निष्पक्ष तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए समर्पित है।

Join WhatsApp

Join Now

Youtube-color Created with Sketch. Join Youtube

Join Now

Leave a Comment