रिपोर्ट – विवेक त्रिवेदी
कानपुर देहात। जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब झींझक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीयूष त्रिपाठी की पत्नी आकांक्षा त्रिपाठी कार्यालय पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी पर पति के खिलाफ साजिश रचने, झूठा मुकदमा दर्ज कराने तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए।
आकांक्षा त्रिपाठी का आरोप है कि उनके पति का जिस विवाद में नाम जोड़ा गया है, उससे उनका कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। उनका कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एक सीएचओ का किसी अन्य व्यक्ति से विवाद हुआ था, जिसका दोनों पक्षों के बीच पहले ही समझौता हो चुका है। इसके बावजूद सुनियोजित तरीके से डॉ. पीयूष त्रिपाठी को चिकित्सा अधीक्षक के पद से हटाने के उद्देश्य से उन्हें इस मामले में फंसाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि लगातार मानसिक तनाव और विभागीय दबाव के कारण उनके पति की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनके पति के स्वास्थ्य को लेकर कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी की होगी।
महिला के धरने और हंगामे के दौरान सीएमओ कार्यालय में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को सामान्य कराने का प्रयास किया।
उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविंद ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में उनकी कोई व्यक्तिगत भूमिका नहीं है। उनके अनुसार, डॉक्टर और सीएचओ के बीच हुए विवाद के आधार पर पुलिस ने अपने स्तर पर मुकदमा दर्ज किया है और विभाग की ओर से किसी प्रकार की दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई नहीं की गई है। फिलहाल, डॉक्टर की पत्नी द्वारा लगाए गए आरोपों और सीएमओ के खंडन के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब पूरे प्रकरण में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।










