आगरा। सिकंदरा क्षेत्र के अकबरा पुल पर रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि पत्नी से विवाद के बाद एक पिता ने अपनी 11 माह की बेटी को यमुना नदी में फेंक दिया। बच्ची को नदी में फेंकने के बाद वह पत्नी को भी पुल से नीचे धक्का देने की कोशिश करने लगा। महिला के शोर मचाने पर राहगीर मौके पर जुट गए और उसकी जान बचाई।
बताया गया कि बलदेव के बादमगढ़ी गांव निवासी रिंकू अपनी पत्नी लक्ष्मी और बेटी के साथ बाइक से आगरा जा रहा था। रास्ते में उसने पुल पर बाइक रोककर बच्ची के साथ फोटो खिंचवाने की बात कही। आरोप है कि सेल्फी लेने के बाद उसने मासूम को यमुना में फेंक दिया।
लक्ष्मी के शोर मचाने पर राहगीरों ने आरोपी को पकड़ लिया और उसकी पिटाई के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस और पीएसी के गोताखोरों की मदद से यमुना में बच्ची की तलाश शुरू कर दी गई है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
दहेज प्रताड़ना का भी आरोप
लक्ष्मी ने आरोप लगाया कि उसकी शादी जून 2024 में हुई थी और शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। महिला का कहना है कि पति बच्ची के जन्म से खुश नहीं था। खास बात यह है कि बच्ची का जन्मदिन 17 अगस्त को था, लेकिन उससे पहले ही उसकी जिंदगी खत्म होने की दर्दनाक घटना सामने आ गई।
रिश्तों पर बड़ा सवाल
यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि बदलते रिश्तों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। पति-पत्नी के विवाद और आपसी कलह की सजा आखिर उस मासूम को क्यों मिली, जिसका किसी झगड़े से कोई लेना-देना नहीं था?
जिस बच्ची को कुछ दिन बाद अपना जन्मदिन मनाना था, उसकी जिंदगी इतनी सस्ती कैसे हो गई? रिश्तों में बढ़ता गुस्सा, हिंसा और संवेदनहीनता आखिर समाज को किस दिशा में ले जा रही है—यह घटना हर किसी को सोचने पर मजबूर करती है।







