नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की आर्थिक प्रगति को वैश्विक परिस्थितियों के बीच देश की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और तनाव का माहौल है, इसके बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने विकास की रफ्तार बनाए रखी है।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, भारत ने 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर हासिल की है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा देश की क्षमता को दर्शाता है, लेकिन चुनौती अब इस गति को लगातार बनाए रखने की है।
मोदी ने देश के विकास में आम नागरिक की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए आत्मनिर्भरता और स्वदेशी उत्पादों पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाली वस्तुओं को प्राथमिकता देने और ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान को मजबूती देने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए गैर-जरूरी खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है। विदेश यात्राओं और अनावश्यक खरीदारी को लेकर भी उन्होंने लोगों से सोच-समझकर खर्च करने का संदेश दिया। सोने की जरूरत से अधिक खरीदारी से बचने की बात भी उन्होंने कही।
प्रधानमंत्री का कहना है कि भारत जितना अधिक अपने उत्पादन, संसाधनों और घरेलू बाजार पर भरोसा बढ़ाएगा, उतना ही देश बाहरी परिस्थितियों के प्रभाव से मजबूत तरीके से निपट सकेगा।
उन्होंने कहा कि 2047 में देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना है। इसके लिए वर्तमान पीढ़ी को आर्थिक मजबूती, आत्मनिर्भरता और स्वदेशी को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार काम करना होगा।












