उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। रविवार सुबह से लखनऊ, रायबरेली, कानपुर, वाराणसी, बरेली समेत करीब 25 शहरों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा। कई इलाकों में मूसलाधार बारिश के चलते सड़कें जलमग्न हो गईं और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गोरखपुर समेत 20 से ज्यादा शहरों में आसमान में बादल छाए रहे। वहीं कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं।
लखनऊ में 5 घंटे की बारिश से जलभराव
लखनऊ में तड़के करीब 3 बजे जोरदार बारिश शुरू हुई, जो लगभग पांच घंटे तक जारी रही। बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में सड़कों पर 3 से 4 फीट तक पानी भर गया। जलभराव के कारण कई बाइक बंद हो गईं और गलियां तालाब में तब्दील हो गईं। कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया, जबकि कुछ कारें भी पानी में आधी डूबी नजर आईं।
रायबरेली में सरकारी अस्पताल परिसर जलमग्न
रायबरेली में बारिश के बाद सरकारी अस्पताल परिसर में पानी भर गया। मरीजों और तीमारदारों को घुटनों तक भरे पानी के बीच अस्पताल पहुंचना पड़ा। इससे अस्पताल आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
फर्रुखाबाद में रेलवे ट्रैक पानी में डूबा
फर्रुखाबाद में रविवार सुबह करीब चार बजे बारिश शुरू हुई, जो बाद में तेज बारिश में बदल गई। लोहिया महिला अस्पताल की इमरजेंसी के गेट और अंदर की गैलरी में करीब आधा फीट तक पानी भर गया। वहीं फतेहगढ़ और फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशनों के बीच नेकपुर पुल के नीचे करीब 150 मीटर कासगंज-कानपुर रेलवे ट्रैक पानी में डूब गया।
उन्नाव और वाराणसी में भी हालात बिगड़े
उन्नाव में गंगा नदी का पानी कई घरों में घुस गया। लोग छतों पर रहने को मजबूर हैं और गलियों में नाव चलने की स्थिति बन गई है। वाराणसी में घाट किनारे बने 100 से अधिक छोटे मंदिर पानी में डूब गए। हरिश्चंद्र घाट का शवदाह स्थल भी जलमग्न हो गया।
चित्रकूट में मंदाकिनी और बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ा
चित्रकूट में मंदाकिनी और बरदहा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रामघाट की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। वहीं मानिकपुर क्षेत्र में यूपी और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला छोटा पुल यानी रपटा पिछले करीब 36 घंटे से जलमग्न है। इससे दोनों राज्यों के बीच आवागमन प्रभावित हुआ है। चमरौहा गांव के पास रपटा जलमग्न होने से आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को परेशानी हो रही है।
किसानों के लिए बारिश राहत लेकर आई
चित्रकूट के पहाड़ी ब्लॉक क्षेत्र में पिछले करीब 24 घंटे से रुक-रुककर बारिश हो रही है। लगातार बारिश से मौसम सुहाना हो गया और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। वहीं किसान बारिश को फसलों के लिए फायदेमंद मान रहे हैं। किसानों का कहना है कि समय पर बारिश होने से खेतों में नमी आएगी और फसलों की सिंचाई में मदद मिलेगी।
मैनपुरी और बरेली में भी झमाझम बारिश
मैनपुरी में सुबह करीब छह बजे से झमाझम बारिश शुरू हुई, जिससे सड़कें लबालब भर गईं। बरेली में भी रविवार सुबह से मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहा और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।
झांसी और हरदोई में भी जलभराव
झांसी में सीपरी बाजार ओवरब्रिज के नीचे करीब दो फीट तक पानी भर गया। वाहनों को पानी के बीच से गुजरना पड़ा। हरदोई में भी मौसम ने अचानक करवट ली और सुबह करीब छह बजे के आसपास बारिश शुरू हो गई। बारिश से उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिली।
प्रदेश की 11 नदियां उफान पर
प्रदेश में गंगा और यमुना समेत करीब 11 नदियां उफान पर बताई जा रही हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी और बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। कई घाट और निचले इलाके पानी की चपेट में आ गए हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाने की जरूरत है।
मौसम विभाग का अलर्ट
बारिश के बीच प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।







