सिद्धार्थनगर। इमरियागंज तहसील क्षेत्र के पिपरा रामलाल गांव में मंगलवार सुबह प्रशासन ने मस्जिद-मदरसे से जुड़े कथित अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। एसडीएम के नेतृत्व में पहुंची प्रशासनिक टीम ने करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई में मस्जिद-मदरसे के एक हिस्से के साथ सात कमरों और एक दुकान को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
प्रशासन के अनुसार करीब 14 हजार वर्गफीट जमीन पर सात दुकानें, 12 कमरे, मस्जिद और मदरसा बना हुआ था। सरकारी रिकॉर्ड में मदरसे के लिए करीब 5 हजार वर्गफीट जमीन दर्ज बताई गई है, जबकि शेष करीब 9 हजार वर्गफीट जमीन को खेल मैदान के रूप में दर्ज बताया गया। इसी हिस्से पर कब्जे को लेकर प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
बताया गया कि मदरसा वर्ष 1938 में गांव के अंदर निजी जमीन पर बनाया गया था। वर्ष 1967 में इसे पीपरा रामलाल गांव की मुख्य सड़क यानी बांसी-इमरियागंज मार्ग पर स्थानांतरित किया गया। ग्रामीणों के मुताबिक समय के साथ मदरसे का विस्तार होता गया और खाली पड़ी सरकारी जमीन पर भी निर्माण होता चला गया। मदरसे में करीब 400 बच्चे पढ़ते थे।
मामले को लेकर वर्ष 2022 में पांच ग्रामीणों ने जमीन से कथित कब्जा हटाने के लिए इमरियागंज तहसीलदार न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के बाद वर्ष 2023 में बेदखली का आदेश जारी हुआ। मदरसे के केयरटेकर अब्दुल सलाम ने इस आदेश को डीएम कोर्ट में चुनौती दी थी। करीब तीन साल चली सुनवाई के बाद 14 अगस्त 2026 को डीएम ने तहसीलदार न्यायालय के आदेश को बरकरार रखते हुए मदरसा पक्ष की याचिका खारिज कर दी।
इसके बाद प्रशासन की ओर से जमीन से कब्जा हटाने का नोटिस जारी किया गया। निर्धारित समय में कब्जा नहीं हटाए जाने के बाद मंगलवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई। एसडीएम विवेकानंद मिश्र के मुताबिक करीब 9 हजार वर्गफीट हिस्से में बने एक दुकान, सात कमरे और मस्जिद-मदरसे के हिस्से को हटाया गया है। निजी जमीन पर बने करीब पांच कमरे और मदरसे के कुछ हिस्से को कार्रवाई से अलग रखा गया।
कार्यवाही का सपा कार्यकर्ताओं ने किया विरोध
बुलडोजर कार्रवाई की जानकारी मिलने पर डुमरियागंज की सपा विधायक सैयदा खातून, सपा जिलाध्यक्ष लालजी यादव समेत 50 से अधिक कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई का विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हो गई।
सपा नेता कमाल अहमद खान ने मदरसे के पास जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। करीब आधे घंटे तक इलाके में तनाव का माहौल रहा। बाद में पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को दूर किया और समझाकर मामला शांत कराया।
प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई न्यायालय और राजस्व अभिलेखों में दर्ज तथ्यों के आधार पर की गई है। वहीं सपा नेताओं ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसका विरोध किया है। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।







