कानपुर। कानपुर नगर को दो जिलों में विभाजित कर दक्षिण क्षेत्र को अलग जिला बनाए जाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। किदवई नगर विधायक महेश त्रिवेदी ने विधानसभा में नियम-301 के तहत कानपुर को दो जिलों में बांटने का प्रस्ताव रखा है। शासन ने इस संबंध में जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है।
प्रस्ताव के मुताबिक कानपुर दक्षिण को अलग जिला बनाए जाने से दक्षिण क्षेत्र के लोगों को प्रशासनिक और राजस्व संबंधी कार्यों के लिए शहर के दूसरे हिस्सों में लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। विधायक महेश त्रिवेदी का कहना है कि बढ़ती आबादी, लगातार बढ़ते शहरी विस्तार और प्रशासनिक काम के दबाव को देखते हुए कानपुर को दो जिलों में विभाजित करना जरूरी है।
बताया गया है कि यह मांग नई नहीं है। लंबे समय से कानपुर दक्षिण के लिए अलग प्रशासनिक व्यवस्था की मांग उठती रही है। इससे पहले दक्षिण क्षेत्र में अलग तहसील बनाने के प्रस्ताव पर भी काम हुआ था, हालांकि वह प्रस्ताव निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतर सका था।
अब शासन स्तर से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद जिला प्रशासन को प्रस्ताव के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करना होगा। इसमें आबादी, क्षेत्रफल, भौगोलिक स्थिति, तहसीलों एवं थानों की स्थिति, प्रशासनिक जरूरत और आवश्यक संसाधनों का आकलन शामिल रहेगा।
जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह के मुताबिक जिला पुनर्गठन की प्रक्रिया लंबी होती है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद प्रस्ताव राजस्व परिषद और शासन स्तर पर विचाराधीन रहेगा। सभी स्तरों से सहमति और आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद ही नए जिले के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसलिए फिलहाल कानपुर दक्षिण को अलग जिला बनाने की मांग प्रस्ताव के स्तर पर है, इसे अभी मंजूरी नहीं मिली है।







