नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र से पहले केंद्र सरकार में संभावित कैबिनेट विस्तार और फेरबदल को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के हवाले से ऐसी अटकलें हैं कि सरकार संगठन और प्रशासन में संतुलन बनाने के उद्देश्य से कुछ वरिष्ठ मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव कर सकती है, जबकि कुछ नए चेहरों को भी मंत्रिमंडल में अवसर मिल सकता है।
चर्चाओं के अनुसार, सरकार युवा नेतृत्व को अधिक अवसर देने और संगठनात्मक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बदलाव कर सकती है। इसी के साथ एनडीए के सहयोगी दलों तथा हाल के वर्षों में भाजपा के साथ जुड़े नेताओं को भी प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक जिन वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में हैं, उनमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि इन नामों को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
चर्चा यह भी है कि यदि फेरबदल होता है तो कुछ मंत्रालयों में नए चेहरों को जिम्मेदारी मिल सकती है। संभावित नए नामों में कुछ वरिष्ठ प्रशासकों और भाजपा के सांसदों को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं।
हालांकि, सरकार या भाजपा नेतृत्व की ओर से अभी तक कैबिनेट फेरबदल को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में फिलहाल सभी चर्चाएं केवल राजनीतिक और मीडिया सूत्रों पर आधारित हैं। अंतिम फैसला प्रधानमंत्री और पार्टी नेतृत्व द्वारा ही लिया जाएगा।










