रात में खेतों की ओर गोवंश छोड़े जाने का आरोप, किसानों ने तहसील में किया प्रदर्शन
कानपुर देहात। शिवली नगर पंचायत क्षेत्र में निजी गौशाला के संचालन को लेकर किसानों का आक्रोश सामने आया है। किसानों ने राघव गोवर्धन गौशाला पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रात के समय गौशाला से गोवंश को खेतों की ओर छोड़ दिया जाता है, जिससे उनकी खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं।
मामले को लेकर किसानों ने तहसील पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया और प्रशासन से जांच कर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि शिवली, हीरापुर शिवली, ढाकन शिवली, बिरतियाना शिवली और तौरेयाना शिवली समेत आसपास के कई गांवों के किसान लंबे समय से इस समस्या का सामना कर रहे हैं।
किसानों का दावा है कि करीब दस वर्षों से रात के समय गोवंश खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों की मेहनत के साथ उनकी आमदनी पर भी असर पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि मौजूदा खरीफ की फसल भी गोवंश के कारण प्रभावित हो रही है। आरोप है कि कई बार थाना और तहसील स्तर पर शिकायत किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
राज्य मंत्री ने सुनी किसानों की समस्या
किसानों के प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला भी तहसील पहुंचीं। किसानों ने उनके सामने अपनी समस्याएं रखीं। इसके बाद राज्य मंत्री ने जिलाधिकारी कपिल सिंह से फोन पर बात कर पूरे मामले की जानकारी दी। किसानों को एसडीएम स्तर से मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
किसानों ने गौशाला संचालक राघव शुक्ला और उनके परिजनों पर अभद्र व्यवहार एवं धमकी देने के भी आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
रात में खेतों की रखवाली को लेकर भी चिंता
किसानों का कहना है कि फसल बचाने के लिए उन्हें रात में खेतों की रखवाली करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। किसानों ने सवाल उठाया कि यदि रात में खेतों की रखवाली के दौरान किसी किसान के साथ कोई गंभीर हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि निजी गौशाला की निष्पक्ष जांच, खेतों में पहुंच रहे गोवंश पर रोक और फसल नुकसान की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए।
अब देखना होगा कि किसानों द्वारा लगाए गए आरोपों की प्रशासनिक जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जांच के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।











