कानपुर। सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के पावन संयोग पर सोमवार सुबह कानपुर के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही परमट, सरसैया समेत विभिन्न घाटों पर भक्तों ने गंगा स्नान कर भगवान शिव और नाग देवता की पूजा-अर्चना की। 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है
परमट स्थित श्री आनंदेश्वर मंदिर में रविवार रात से ही भक्तों की लंबी कतारें लग गई थीं। मंदिर प्रशासन के अनुसार सुबह छह बजे तक करीब 30 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र गूंजता रहा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर में दर्शन व्यवस्था को चरणबद्ध किया गया है। रात दो बजे के बाद भक्तों के लिए कपाट खोले गए। दोपहर 12:30 बजे भोग एवं आरती के लिए कपाट बंद होंगे और दोपहर दो बजे दोबारा दर्शन शुरू होंगे। शाम सात बजे साफ-सफाई एवं श्रृंगार के लिए कपाट बंद किए जाएंगे, जबकि रात नौ बजे फिर से श्रद्धालुओं के दर्शन शुरू होंगे। सभी भक्तों के दर्शन पूरे होने के बाद शयन आरती की जाएगी।
150 CCTV कैमरों से निगरानी
भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस-प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों पर करीब 150 CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है। इसके लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। मंदिर के बाहर बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं को कतार में दर्शन कराने की व्यवस्था की गई है और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
बढ़ते गंगा जलस्तर को लेकर भी सतर्कता
गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण परमट घाट की ओर से मंदिर में प्रवेश पर रोक लगाई गई है। घाटों पर बैरिकेडिंग की गई है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जल पुलिस की तैनाती भी की गई है। प्रशासन की ओर से लोगों से गंगा किनारे सावधानी बरतने और सुरक्षा व्यवस्था का पालन करने की अपील की गई है।
नाग पंचमी के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और श्रृंगार भी किया जा रहा है। शाम की आरती के दौरान शिवलिंग का विशेष श्रृंगार किए जाने की तैयारी है। सावन सोमवार और नाग पंचमी के एक साथ पड़ने से कानपुर में इस बार धार्मिक उत्साह और श्रद्धालुओं की भीड़ दोनों ही चरम पर दिखाई दे रहे हैं।







