नई दिल्ली। केंद्र सरकार में 12 वर्षों के कार्यकाल के दौरान पहली बार किसी केंद्रीय मंत्री ने सार्वजनिक विरोध और राजनीतिक दबाव के बीच इस्तीफा दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस्तीफे के पीछे NEET-UG परीक्षा विवाद, छात्रों के आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवालों को प्रमुख वजह माना जा रहा है।
अपने दो पन्नों के इस्तीफे में धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि उन्होंने हमेशा छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने कई सुधार किए, लेकिन कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों द्वारा छात्रों को भ्रमित करने की कोशिशों से उन्हें गहरा दुख पहुंचा। उन्होंने यह भी कहा कि देश के युवाओं का भविष्य राजनीति का विषय नहीं बनना चाहिए।
इस्तीफे के बाद विपक्षी नेताओं और छात्र संगठनों ने इसे अपनी जीत बताया। छात्र नेता अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर कहा कि इस्तीफा पहला कदम है, लेकिन उनकी अन्य मांगें भी पूरी होनी चाहिए। उन्होंने छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने, प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
सिविल सोसायटी संगठन CJP ने भी प्रतिक्रिया देते हुए इसे लोकतंत्र की जीत बताया। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि यह जनता की शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक लड़ाई की जीत है तथा अब जवाबदेही के बाद शिक्षा सुधारों पर ध्यान देना चाहिए।
इस्तीफे से पहले केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव किए। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को बर्खास्त किया गया और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की बात कही गई। इससे पहले शिक्षा मंत्रालय के दो वरिष्ठ अधिकारियों को भी बदला गया था।
पेपर लीक रोकने के लिए केंद्र सरकार पहले ही सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 लागू कर चुकी है। इस कानून के तहत पेपर लीक, नकल, फर्जी वेबसाइट बनाकर परीक्षा में धांधली और अन्य संबंधित अपराधों को गैर-जमानती बनाया गया है। दोषियों के लिए 3 से 10 वर्ष तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
अब कौन होगा नया शिक्षा मंत्री?
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद नए शिक्षा मंत्री को लेकर तीन नाम प्रमुख रूप से चर्चा में हैं—
जयंत चौधरी – वर्तमान शिक्षा राज्य मंत्री और राज्यसभा सांसद।
सुकांत मजूमदार – शिक्षा राज्य मंत्री और पश्चिम बंगाल से लोकसभा सांसद।
राघव चड्ढा – राजनीतिक चर्चाओं में संभावित नाम के रूप में उल्लेख।
हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। तब तक मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार प्रधानमंत्री के पास रहने की भी संभावना जताई जा रही है।












