कानपुर देहात। आमतौर पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय में लोग अपनी शिकायतें और समस्याएं लेकर पहुंचते हैं, लेकिन कानपुर देहात में एक दिव्यांग महिला ऐसी भी पहुंची, जिसके हाथ में कोई फरियाद नहीं बल्कि शुक्रिया का तोहफा था। बरौर थाना क्षेत्र के सिथरा बुजुर्ग गांव की रहने वाली दिव्यांग महिला नीतू द्विवेदी अपनी मासूम बेटी के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय से मुलाकात कर पानी की समस्या का समाधान कराने के लिए आभार जताया।
एसपी के सामने पहुंचते ही नीतू भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। वह खुद को रोक नहीं सकीं और एसपी से लिपटकर रो पड़ीं। एसपी ने भी महिला को अपने पास बैठाकर ढांढस बंधाया। कुछ देर तक चले इस भावुक दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया।
दरअसल, करीब एक माह पहले नीतू अपनी बेटी के साथ गांव में पानी की समस्या को लेकर अधिकारियों के पास पहुंची थीं। उनका कहना था कि गांव में जलापूर्ति होने के बावजूद उनके घर समेत कुछ अन्य घरों में पानी नहीं पहुंच रहा था। दिव्यांग होने के कारण उनके लिए दूर से पानी लाना बेहद मुश्किल था। समस्या के समाधान के लिए उन्हें करीब 25 किलोमीटर का सफर तय कर कई बार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े।
इसी बीच नीतू की परेशानी से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। मामला पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने मानवीय संवेदना दिखाते हुए स्थानीय पुलिस को महिला के घर भेजा और संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर समस्या का समाधान कराने में मदद की। इसके बाद नीतू के घर पानी की आपूर्ति बहाल करा दी गई।
समस्या दूर होने के बाद नीतू के लिए यह महज घर तक पानी पहुंचने की बात नहीं थी, बल्कि लंबे समय से चली आ रही परेशानी से राहत थी। इसी के लिए वह अपनी बेटी के साथ एसपी कार्यालय पहुंचीं। इस बार उनके हाथ में कोई शिकायत या सरकारी कागज नहीं था। उन्होंने एसपी को एक पेन भेंट किया और अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए उनका आभार जताया।
बातचीत के दौरान नीतू भावुक हो गईं और एसपी से लिपटकर रो पड़ीं। एसपी ने भी उन्हें भरोसा दिलाया कि भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी होने पर वह बेझिझक अपनी समस्या बताएं, हरसंभव मदद की जाएगी। एसपी ने नीतू की बेटी से भी बातचीत की और उसे मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उसकी आगे की पढ़ाई में भी मदद का भरोसा दिलाया।
इस दौरान एसपी ने मुस्कुराते हुए कहा कि आमतौर पर लोग नाराज होकर या शिकायत लेकर आते हैं, लेकिन कोई काम से खुश होकर आभार जताने आए, यह खुशी की बात है।
नीतू की यह मुलाकात पुलिस और जनता के बीच भरोसे की एक भावुक तस्वीर बन गई। जिस कार्यालय में लोग अपनी परेशानियां लेकर पहुंचते हैं, उसी दरवाजे पर एक महिला अपनी समस्या दूर होने की खुशी और धन्यवाद लेकर पहुंची। नीतू की आंखों में इस बार बेबसी के आंसू नहीं, बल्कि राहत, सम्मान और भरोसे की भावनाएं थीं।







