कानपुर (20 अगस्त 2026): कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-2 (सीएसए-बर्रा-8) के निर्माण कार्य में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। गुजरात के सावली स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत निर्मित कॉरिडोर-2 की नौवीं मेट्रो ट्रेन सुरक्षित रूप से सीएसए परिसर में बन रहे डिपो में पहुंच गई है।
प्रस्तावित 10 में से 9 ट्रेनों की डिलीवरी अब तक पूरी की जा चुकी है। प्रत्येक 3-कोच वाली इस ट्रेन को विशेष क्रेन की मदद से डिपो के अनलोडिंग ट्रैक पर उतारा गया।
इको-फ्रेंडली डिपो और एडवांस्ड वर्कशॉप
सीएसए यूनिवर्सिटी परिसर में बन रहे कॉरिडोर-2 डिपो का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और इसकी वर्कशॉप 99% तक बनकर तैयार हो चुकी है।
- प्राकृतिक रोशनी की व्यवस्था: वर्कशॉप की छत पर प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग (PEB) स्ट्रक्चर के साथ ट्रांसलूसेंट शीट लगाई गई है, जिससे दिन के समय बिजली की खपत कम होगी।
- रखरखाव के लिए आधुनिक बे: ट्रेनों की जांच और मरम्मत के लिए दो इंस्पेक्शन बे लाइन और दो वर्कशॉप बे लाइन तैयार की गई हैं। साथ ही ‘पिट व्हील लेथ’ का इंस्टालेशन भी पूरा हो गया है।
- पर्यावरण संरक्षण: यह डिपो पूरी तरह ‘जीरो वेस्ट डिस्चार्ज’ मॉडल पर आधारित होगा, जिसमें जल संरक्षण के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक श्री सुशील कुमार ने बताया कि कॉरिडोर-1 की सभी 29 ट्रेनों के बाद अब कॉरिडोर-2 की डिलीवरी और डिपो का काम तेजी से निपटाया जा रहा है। जल्द ही डिपो में परिचालन से जुड़े विभिन्न परीक्षण शुरू किए जाएंगे।







