कानपुर। कल्याणपुर थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते रिटायर्ड दरोगा के बेटे प्रदीप को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में नामजद तीनों आरोपियों ने शनिवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस उनकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। गिरफ्तारी की कार्रवाई तेज होने पर आरोपियों ने न्यायालय की शरण ली।

जानकारी के अनुसार, बीते मंगलवार को फरीदाबाद से अपने बीमार ताऊ को देखने कानपुर आए प्रदीप को गजानन स्कूल के पीछे स्थित एक पार्क में बुलाया गया था। आरोप है कि वहां मौजूद दीपांकर उपाध्याय, रोहित सिंह उर्फ बाबू और गोकुल ने पहले उसे शराब पिलाई। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर कहासुनी शुरू हो गई, जिसके बाद दीपांकर ने तमंचे से फायर कर दिया। गोली प्रदीप के पेट में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

घटना के बाद घायल प्रदीप को पहले निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए रीजेंसी अस्पताल रेफर कर दिया गया। वह अभी भी उपचाराधीन है।
घायल के बड़े भाई संदीप ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर वह अपने ताऊ रामजी सिंह के साथ अस्पताल पहुंचे थे।

आईसीयू में प्रदीप की गंभीर हालत देखकर रामजी सिंह को दिल का दौरा पड़ गया, जिससे उनकी मौत हो गई। संदीप के अनुसार, उनकी मां का फरीदाबाद में कैंसर का इलाज चल रहा है और पिता भी वहीं मौजूद हैं। परिवार ने अभी तक उन्हें इस घटना और मौत की जानकारी नहीं दी है।

डीसीपी वेस्ट S. M. Qasim Abidi ने बताया कि तीनों आरोपियों ने एसीजेएम द्वितीय न्यायालय में आत्मसमर्पण किया है। पुलिस जल्द ही उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।








