मेरठ । उत्तर प्रदेश एटीएस ने मेरठ से जैश-ए-मोहम्मद से कथित तौर पर जुड़े एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। ATS के मुताबिक गिरफ्तार युवक की पहचान 24 वर्षीय मोहम्मद जफर के रूप में हुई है, जो बिहार के पूर्णिया जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि जफर मदरसे के नाम पर चंदा जुटाकर उसकी रकम पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा था।
ATS के अनुसार जफर मेरठ के एक मदरसे में पढ़ाई कर चुका है और करीब दो महीने पहले मेरठ आया था। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन से पाकिस्तान के कथित जेहादी व्हाट्सऐप ग्रुप और सोशल मीडिया पर जिहाद-खिलाफत से जुड़ी गतिविधियों के साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है।
पूछताछ में जफर ने कथित तौर पर बताया कि पढ़ाई के दौरान उसने जैश-ए-मोहम्मद के बारे में पढ़ा था। जिहाद और मुजाहिदों की शहादत से जुड़ी सामग्री से प्रभावित होकर उसके मन में मुजाहिद बनने की इच्छा पैदा हुई। ATS का दावा है कि वह मौलाना मसूद अजहर के भाषणों से भी प्रभावित था।
पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आने का आरोप
जांच एजेंसी के मुताबिक जफर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक कथित जेहादी ग्रुप के जरिए पाकिस्तान में मौजूद हैंडलर के संपर्क में आया। आरोप है कि उसने जेहाद में मदद करने की पेशकश भी की थी।
ATS के मुताबिक जफर ने संदिग्ध पाकिस्तानी संपर्कों के जरिए क्रिप्टोकरेंसी USDT से कई बार रकम भेजने की कोशिश की। एजेंसी अब उसके संपर्कों, लेनदेन और कथित आतंकी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
मोबाइल और सोशल मीडिया की जांच
जफर के खिलाफ ATS ने FIR दर्ज कर ली है। जांच एजेंसी उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट और पाकिस्तान से जुड़े संपर्कों की पड़ताल कर रही है। साथ ही चंदे और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए रकम के संभावित लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
ATS यह पता लगाने में जुटी है कि जफर के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और क्या उसके जरिए आतंकी संगठन तक आर्थिक मदद पहुंचाने की कोशिश की गई। मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ और लोगों के नाम सामने आने की संभावना है।







