लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में कानून-व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त बनाने के मकसद से पुलिस प्रशासनिक अमले में बड़ा फेरबदल किया है। शासन की ओर से जारी तबादला सूची के तहत 9 वरिष्ठ IPS अधिकारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल किया गया है। इस कार्रवाई के तहत मेरठ, गोंडा, सुल्तानपुर, झांसी, बिजनौर, संभल और बलरामपुर समेत 7 जिलों के पुलिस कप्तान (SP/SSP) बदले गए हैं।
इस पूरी कवायद में सबसे ज्यादा चर्चा मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडेय को हटाए जाने की है। हाल के दिनों में मेरठ में हुए प्रशासनिक व स्थानीय विवादों के बाद से वह लगातार चर्चा में बने हुए थे। शासन ने उन्हें मेरठ की कप्तानी से मुक्त करते हुए पुलिस मुख्यालय, लखनऊ से संबद्ध कर दिया है।
तबादले की मुख्य झलकियां (किस अफसर को क्या मिली नई जिम्मेदारी)
- B.B.G.T.S. मूर्ति (SP, मेरठ): 2015 बैच के IPS अधिकारी, जो इससे पहले PAC की 35वीं बटालियन में बतौर SP तैनात थे, उन्हें अब मेरठ जैसे संवेदनशील जिले की कमान सौंपी गई है।
- विनीत जायसवाल (SP, सुल्तानपुर): गोंडा के SP रहे विनीत जायसवाल को अब सुल्तानपुर का नया पुलिस कप्तान बनाया गया है।
- चारू निगम (SP, UP 112 Lucknow): सुल्तानपुर की SP रहीं चर्चित IPS अधिकारी चारू निगम को जिले की कप्तानी से हटाकर लखनऊ स्थित आपातकालीन सेवा ‘UP 112’ मुख्यालय में SP पद की जिम्मेदारी दी गई है।
- अभिषेक (SP, गोंडा): बिजनौर के SP रहे 2015 बैच के IPS अफसर अभिषेक को अब गोंडा जिले का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है।
- के.के. बिश्नोई (SP, बिजनौर): IPS कृष्ण कुमार बिश्नोई को बिजनौर जिले का नया SP बनाया गया है।
- विकास कुमार (SP, झांसी): बुंदेलखंड के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जिले झांसी में IPS विकास कुमार को पुलिस कप्तान की कमान सौंपी गई है।
- विकास त्रिपाठी (SP, संभल): संवेदनशील पृष्ठभूमि वाले संभल जिले की सुरक्षा और शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए IPS विकास त्रिपाठी को SP नियुक्त किया गया है।
- मार्तण्ड प्रकाश सिंह (SP, बलरामपुर): नेपाल सीमा से सटे बलरामपुर जिले में कानून-व्यवस्था और सीमावर्ती अपराध नियंत्रण की कमान अब IPS मार्तण्ड प्रकाश सिंह संभालेंगे।
- अविनाश पांडेय: मेरठ SSP पद से हटाकर डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध।
प्रशासनिक संदेश और चुनौतियां
पश्चिम यूपी से लेकर पूर्वांचल और बुंदेलखंड तक हुए इस बड़े फेरबदल के जरिए राज्य सरकार ने जिला स्तर पर पुलिसिंग को मजबूत करने और जवाबदेही तय करने का सीधा संदेश दिया है। नए तैनात किए गए अधिकारियों के सामने अपने-अपने जिलों में अपराध नियंत्रण, त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स और जनता के बीच पुलिस की साख को मजबूत करने की मुख्य चुनौती होगी।







