नई दिल्ली (संवाददाता)।
NEET परीक्षा और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास की ओर पैदल मार्च कर प्रदर्शन किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य वरिष्ठ नेता खड़गे के सरकारी आवास से अचानक पैदल मार्च करते हुए पीएम आवास की ओर बढ़े। सुरक्षा एजेंसियों को इसकी पूर्व जानकारी नहीं थी, जिसके चलते कुछ ही देर में पुलिस और सुरक्षा बलों ने सभी नेताओं को रोककर हिरासत में ले लिया। बाद में राहुल गांधी, अखिलेश यादव सहित सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया।

कांग्रेस का आरोप है कि सरकार NEET परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और छात्रों के मुद्दे पर जवाब देने से बच रही है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी करते रहे। पुलिस ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया।
गुपचुप तरीके से बनाई गई थी रणनीति
कांग्रेस ने प्रदर्शन की योजना बेहद गोपनीय रखी थी। सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर मल्लिकार्जुन खड़गे को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद खड़गे ने घोषणा की कि छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में वह इस बार अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगे।

दोपहर में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य वरिष्ठ नेता खड़गे के आवास पहुंचे। सुरक्षा एजेंसियों और मीडिया को लगा कि यह केवल जन्मदिन की मुलाकात है, लेकिन बैठक समाप्त होते ही सभी नेता वाहनों की बजाय पैदल पीएम आवास की ओर निकल पड़े। खड़गे का आवास प्रधानमंत्री आवास से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर होने के कारण पुलिस के सक्रिय होने से पहले ही प्रदर्शनकारी काफी आगे बढ़ चुके थे।
राहुल और जितेंद्र सिंह के बीच 20 मिनट की बातचीत
प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और गृह सचिव गोविंद मोहन प्रधानमंत्री आवास के पास पहुंचे। डॉ. जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से करीब 20 मिनट तक बातचीत की। इसके बाद वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले और फिर दोबारा राहुल गांधी के पास लौटे।

बाद में सोशल मीडिया पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने दावा किया कि राहुल गांधी की मूल मांग संसद में NEET पर चर्चा कराने की थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया। उनका आरोप है कि इसके बाद कांग्रेस ने अपनी मांग बदलते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग रख दी।
भाजपा का पलटवार
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी का व्यवहार नेता प्रतिपक्ष की गरिमा के अनुरूप नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास तक मार्च के दौरान अराजकता फैलाने की कोशिश की। नितिन नवीन ने कहा कि संसद में किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए भाजपा तैयार है, लेकिन कानून और सुरक्षा व्यवस्था से समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
PM आवास के बाहर प्रदर्शन क्यों नहीं?
प्रधानमंत्री आवास लोक कल्याण मार्ग हाई-सिक्योरिटी जोन में स्थित है। सुरक्षा कारणों से इसके आसपास के क्षेत्र को ‘नो-प्रोटेस्ट जोन’ माना जाता है, जहां आमतौर पर धरना, प्रदर्शन या भीड़ जुटाने की अनुमति नहीं होती। इस क्षेत्र में सुरक्षा की जिम्मेदारी अंदर SPG और बाहरी घेरे में दिल्ली पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों के पास रहती है। ऐसे मामलों में पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले सकती है।

आखिरकार देर शाम पुलिस ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य हिरासत में लिए गए नेताओं को रिहा कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद NEET परीक्षा, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर सियासी माहौल और गर्म हो गया।













