---Advertisement---

 

हनुमान चालीसा कितनी बार पढ़नी चाहिए? जानिए सही संख्या, समय और संकल्प से जुड़े जरूरी नियम

Admin Image
On: August 26, 2026 5:58 AM
Follow Us:

भक्ति खबर । हनुमान चालीसा भगवान हनुमान की भक्ति और स्तुति का लोकप्रिय पाठ है। गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित इस स्तोत्र में 40 चौपाइयां हैं, इसी वजह से इसे ‘चालीसा’ कहा जाता है। मंगलवार और शनिवार को इसका पाठ करने की परंपरा विशेष रूप से प्रचलित है।

​लेकिन अक्सर भक्तों के मन में सवाल रहता है कि हनुमान चालीसा आखिर कितनी बार पढ़नी चाहिए? क्या एक बार पढ़ना पर्याप्त है, या 7, 11, 21 अथवा 108 बार पाठ करना जरूरी है?

क्या हनुमान चालीसा पढ़ने की कोई निश्चित संख्या है?

​धार्मिक मान्यताओं में हनुमान चालीसा के पाठ की कोई एक अनिवार्य संख्या निर्धारित नहीं बताई जाती। भक्त अपनी श्रद्धा, समय और सामर्थ्य के अनुसार इसका पाठ कर सकते हैं। रोजाना एक बार हनुमान चालीसा पढ़ना भी नियमित भक्ति का हिस्सा बनाया जा सकता है। कई परंपराओं में 7, 11, 21, 40 और 108 पाठ को विशेष संकल्प के लिए अपनाया जाता है।

​इसलिए यह जरूरी नहीं कि ज्यादा बार पाठ करने वाला व्यक्ति ही अधिक भक्त हो। पाठ की संख्या से ज्यादा महत्व श्रद्धा, एकाग्रता और नियमितता का माना जाता है।

1, 3, 7, 11, 21 या 108 बार—किसे चुनें?

​अलग-अलग धार्मिक परंपराओं में अलग संख्याओं का उल्लेख मिलता है। सामान्य रूप से इसे इस तरह समझा जा सकता है—

  • 1 बार: रोजाना की पूजा और नियमित भक्ति के लिए पर्याप्त माना जा सकता है।
  • 3 बार: मंगलवार को विशेष पाठ के रूप में कुछ परंपराओं में इसका उल्लेख मिलता है।
  • 7 बार: विशेष प्रार्थना या संकल्प के लिए कई भक्त सात पाठ करते हैं।
  • 11 बार: किसी विशेष उद्देश्य या साधना में 11 पाठ करने की परंपरा देखने को मिलती है।
  • 21 बार: विशेष मनोकामना के लिए लगातार कई दिनों तक 21 पाठ करने का संकल्प कुछ धार्मिक मान्यताओं में मिलता है।
  • 108 बार: यह लंबा और अधिक समय लेने वाला पाठ है। इसे सामान्य दैनिक नियम की बजाय विशेष साधना या संकल्प के रूप में किया जाता है।

​यह ध्यान रखना जरूरी है कि इन संख्याओं को धार्मिक परंपराओं और मान्यताओं के रूप में समझना चाहिए, कोई सार्वभौमिक या अनिवार्य नियम नहीं।

मंगलवार को हनुमान चालीसा पढ़ना क्यों माना जाता है खास?

​मंगलवार भगवान हनुमान की उपासना के लिए प्रमुख दिन माना जाता है। इस दिन मंदिर में जाकर या घर पर हनुमान जी के सामने बैठकर चालीसा का पाठ करने की परंपरा है। कुछ धार्मिक स्रोत मंगलवार को एक से तीन बार पाठ को भी शुभ मानते हैं।

​शनिवार को भी हनुमान जी की पूजा और हनुमान चालीसा के पाठ की परंपरा काफी प्रचलित है।

हनुमान चालीसा पढ़ने का सही समय क्या है?

​हनुमान चालीसा के लिए कोई एक ऐसा समय नहीं है जिसे सभी के लिए अनिवार्य माना जाए। बहुत से भक्त सुबह स्नान के बाद, सूर्योदय के आसपास या शाम के समय पाठ करते हैं। कुछ परंपराओं में ब्रह्म मुहूर्त को भी उपयुक्त माना गया है।

​सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जिस समय आप पाठ करें, उस समय मन शांत हो और आपका ध्यान पूजा में लगा हो।

अगर संकल्प टूट जाए तो क्या करें?

​कई लोग 7, 11, 21 या अन्य संख्या के साथ लगातार कई दिनों तक हनुमान चालीसा पढ़ने का संकल्प लेते हैं। ऐसे में किसी कारण से एक दिन पाठ छूट जाए तो डरने या स्वयं को दोषी मानने की जरूरत नहीं है।

​श्रद्धा के साथ अगले दिन से पाठ फिर शुरू किया जा सकता है। यदि आपने किसी गुरु, आचार्य या धार्मिक विधि के अनुसार विशेष संकल्प लिया है, तो उस परंपरा के जानकार से आगे की विधि पूछना बेहतर रहेगा।

क्या 108 बार हनुमान चालीसा पढ़ना जरूरी है?

​नहीं। 108 बार पाठ करना कोई ऐसा अनिवार्य नियम नहीं है जिसे हर व्यक्ति को करना ही पड़े। यह लंबे समय और एकाग्रता की मांग करता है और आमतौर पर विशेष साधना या संकल्प के रूप में किया जाता है।

​यदि आपके पास समय कम है, तो रोजाना एक बार शांत मन से हनुमान चालीसा पढ़ना भी आपकी नियमित धार्मिक दिनचर्या का हिस्सा हो सकता है।

आखिर कितनी बार पढ़ें?

​अगर आप पहली बार नियमित पाठ शुरू कर रहे हैं तो रोजाना एक बार से शुरुआत करना सरल विकल्प है। मंगलवार या शनिवार को समय और श्रद्धा के अनुसार 3, 7 या 11 बार पाठ किया जा सकता है। विशेष संकल्प के लिए संख्या बढ़ाई जा सकती है, लेकिन अपनी क्षमता और नियमितता का ध्यान रखना जरूरी है।

​हनुमान चालीसा को केवल गिनती पूरी करने के लिए नहीं, बल्कि उसके भाव और अर्थ को समझते हुए पढ़ना अधिक महत्वपूर्ण है। हनुमान जी की भक्ति में श्रद्धा, विनम्रता और नियमितता को प्रमुख माना जाता है।

Admin Photos

Admin

न्यूज़ चौपाल UP की संपादकीय टीम को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में 15+ वर्षों का अनुभव है। टीम राजनीति, अपराध, शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं से जुड़ी खबरों को तथ्यात्मक और निष्पक्ष तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए समर्पित है।

Join WhatsApp

Join Now

Youtube-color Created with Sketch. Join Youtube

Join Now

Leave a Comment